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Saturday, 26 August 2017

शायद कोई हो मेरे लिए

कभी हँसते हुए तो कभी रोते हुए
कभी चलते हुए तो कभी झूमते हुए
कभी आते हुए तो कभी जाते हुए
ज़िन्दगी के अहम लम्हों को
दिल के कोने में संजोते हुए
अतीत के चलचित्रों सहित
उन यादों को समेटे हुए
खुशी के आँसू रुलाने के लिए
ताकि आँख भर आये
किसी को रोते हुए देख
सच्ची चाहत के लिए
प्यार करता हूँ अहसास के लिए
उनकी भावनाओं से
इन्तेजार के लिए
शायद कोई हो संजीव के लिए...

Let's see, who will come in my life

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